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लोग सूर्य को जल क्यों देते हैं ? chath puja 2020 ( छठ पूजा )

 धार्मिक मान्यताओ के अनुसार सूर्य को जल दिये बिना अनाज ग्रहण करना पाप हैं | हिन्दू धर्म में सूर्य की मान्यता बहुत ज्यादा है और सूर्य को समर्पित करते हुऐ बहुत धर्मिक त्यौहार भी बनाये जाते हैं | इनमे से प्रमुख :

 
मकर संक्रांति,जिसे तमिलनाडु में पोंगल के नाम से बनाया जाता है | इस त्यौहार में लोग सूर्य को अच्छी फसल के लिए धन्यवाद करते हैं ,और अपनी पहली फसल सूर्य को समर्पित करते हैं |  

छठ पूजा जो भगवान सूर्य के लिए बनाया जाता है | यह माना जाता है, की भगवान सूर्य के पुत्र कर्ण  ने इस पर्व की शुरुआत की है |बिहार,झारखण्ड और उत्तर प्रदेश में यह पर्व बहुत धूम -धाम से बनाया जाता है |   

सांबा दशमी जो उड़ीसा में भगवान सूर्य के सम्मान में बनाया जाता है | रथ सप्तमी भी सूर्य के सम्मान में बनाया जाता है | यह सात दिन के लिए बनाई जाती है | इस दिन को सूर्य जयंती के नाम से भी जाना जाता है | 

एकादशी (ऐतबार) भी हिन्दू धर्म का एक त्यौहार है, जिसे सूर्य के सम्मान में बनाया जाता है | 


लोग सूर्य को जल क्यों देते हैं ?


सूर्य को जल अर्पित करने के पीछे बहुत से धर्मिक कहानियों है| आज हमलोग इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण के बारे में जाने गे | 

  लोग सूर्य को जल क्यों चढ़ाते हैं ? वैज्ञानिक द्रष्टिकोण 

(why offering water to sun ? scientific reason )


सूर्य आकर में एक बहुत बड़ा और गर्म आग का गोला है | सैद्धांतिक रूप से बात की जाये तो सूर्य की व्यास ( diameter ) 1.39 मिलियन किलोमीटर (864,000 मील ) या हमारे पृथ्वी से 109 गुना बड़ा है | पृथ्वी से सूर्य की दुरी की बात की जाये तो मिलियम किलोमीटर दूर है | और सूर्य की प्रकाश धरती तक पहुँचने में करीबन 8 मिनट 20 सेकंड लगती हैं | 


इंफ्रारेड किरण का स्रोत 

(Source Of Infrared Ray)


सूर्योदय के समय चार से पाँच मिनट के लिए सूर्य लाल हो जाती है,जिसे हम लालिमा भी कहते है | उस समय सूर्य इंफ्रारेड रे निकालती हैं | जिसके कारण हमारे शरीर के बहुत सारे बीमारियाँ दूर होती है | जैसे ह्रदयरोग ,नेत्र रोग , हड्डी रोग और बहुत सारे बीमारियाँ दूर होती है | 



Vitamin D का मुख्य स्रोत


सूर्य की किरण विटामिन डी का एक मुख्य स्रोत हैं ,और विटामिन डी हमारे हड्डी के लिए फायदेमंद है | पीठ और रीढ़ की हड्डियों के लिए भी विटामिन डी एक कारगर तरीका है | 


सूर्य को अर्घ्य देने की सही विधि 


लोग सूर्य को जल क्यों चढ़ाते हैं ? 


पहले तो सूर्य को अर्घ्य देना का समय सही होना चाहिए | सूर्योदय के समय चार से पाँच मिनट के लिए लालिमा होती है, उसी समय सूर्य को जल देना उचित माना गया है | और सूर्य को जल देते समय पानी की गिरते धारा के बिच में से सूर्य के किरणों को देखये जिससे  इंफ्रारेड रे की किरणे पानी के कण से होते हुऐ आँखों में जायेगी | इससे आपकी आँखों की रोशनी बढ़ेगी | इसे प्रतिदिन करने से रतौंधी (Night Blindness), मोतियाबिंद (Cataracts ) और आँखों की अन्य खतरनाक बीमारियाँ नहीं होगी | 

दुनिया धीरे क्यों चल रही है |  

सूर्य को अर्घ्य कब नहीं दे |  

सूर्योदय की उपरांत 10 से 11 बजे सूर्य पराबैंगनी किरण (UV ray - Ultraviolet ray ) निकालती है | जो हमारे शरीर को खराब कर देती है | uv rays से त्वचा की भी बहुत सी बीमारियाँ होती है | जैसे त्वचा कैंसर , समय से पहले बुढ़ापा ,मोतियाबिंद ,यमुने सिस्टम का ठीक काम ना करना | 


 लोग सूर्य को जल क्यों चढ़ाते हैं ?
मेरा द्रष्टिकोण 

सूर्य को जल देते समय पानी को बर्बाद ना करें इसके बजाय निचे एक फूल का गमला रख दे | इससे आप पर्यावरण को भी साफ रखिये गा और सूर्य को अर्घ्य भी देते समय पानी बर्बाद भी  नहीं होगी | ऐसे तो सूर्य को जल देने का सही स्थान किसी नदी में जाकर देने को बतया गया इसके पीछे भी वैज्ञानिक कारण है | अगर सूर्य को जल पानी के अंदर खड़े हो कर दे तो पानी की धारा हमारे पेट से टकराती है, जिससे हमरे प्रतिरक्षा तंत्र (Immune System ) और पाचन तंत्र (Digestive System ) ठीक रहता है | लेकिन बहुत सारे लोग नदी में जाकर जल नहीं दे पाते है |


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